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श्रीमते रामानुजाय नमः

श्री गोदा-रंगमन्नार के दिव्य चरणों का मंगल हो 

 

ग्रंथ

 

1. ईशोपनिषद् (हिंदी)

Isavasyopanishad- (English)

2. केनोपनिषद

3. कठोपनिषद……….

क्रमशः

अर्चिरादि मार्ग (मुक्त जीव की संसार से परमपदपर्यंत यात्रा)

 

विशिष्टाद्वैत   

 
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  2. य आत्मनि तिष्ठन् आत्मनोऽन्तरो यमात्मा न वेद यस्यात्मा शरीरं य आत्मानमन्तरो यमयति स त आत्मान्तर्याम्यमृतः – {शतपथब्राह्मणम् १४.६.७.[३०]

 

 

 

 

 

 

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